आधुनिक युग में महावीर के उपदेशों का महत्त्व
आधुनिक युग में महावीर के उपदेशों का महत्त्व आधुनिक युग वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी विकास और तेज़ रफ़्तार जीवन का युग है, पर साथ ही यह तनाव, हिंसा, पर्यावरण प्रदूषण और मानवीय मूल्यों के क्षय का भी समय है। ऐसे दौर में भगवान महावीर के उपदेश न केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हैं, बल्कि व्यक्ति और समाज दोनों के लिए व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत करते हैं। उनके संदेश समय और स्थान से परे हैं, इसलिए आज भी अत्यंत **प्रासंगिक** हैं। अहिंसा का सिद्धांत और आज का समाज भगवान महावीर का केन्द्रीय सिद्धांत अहिंसा है, जिसका अर्थ केवल शारीरिक हिंसा से बचना नहीं, बल्कि विचार, वचन और कर्म से किसी भी जीव को पीड़ा न पहुँचाना है। आज जब युद्ध, आतंकवाद, घरेलू हिंसा और सामाजिक वैमनस्य बढ़ रहा है, तब महावीर की अहिंसा की शिक्षा हमें सह-अस्तित्व, सहनशीलता और करुणा का मार्ग दिखाती है। - आधुनिक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अहिंसा का विचार शांति, संवाद और कूटनीति को बढ़ावा देता है। - पारिवारिक और सामाजिक जीवन में अहिंसा का पालन आपसी झगड़े, कटुता और अनावश्यक विव...